Hardik Pandya ने किया Ambedkar के ख़िलाफ़ Tweet

भारत के उभारते हुए हरफनमौला ( all-rounder ) क्रिकेटर हार्दिक पांड्या ने एक विवादिक ट्वीट कर दिया जिसके बाद सोशल मीडिया पर इनके समर्थन तथा विरोध में लोग आ गए ।

हार्दिक पटेल के नाम से एक ट्विटर हैंडल अकाउंट से ये ट्वीट किया गया है जिसमे ये लिखा है- ” कि कौन अंबेडकर ? वो जिसने दोगला और घटिया संविधान लिखा या वो जिसने भारत में आरक्षण के नाम की बीमारी दाल दी “
हालाकि अभी तक यह बात प्रमाणित नहीं हुई है की हार्दिक का ही ट्वीटर हैंडल ( Twitter ) अकाउंट है पर फिर भी उन पर दलित उत्पीड़न की सारी धारा लगा दी गई है महाराष्ट्र के ठाणे के एक पुलिस चौकी में ।
अब देखने की बात ही है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हर बातें दुहाई देने वाले भारत की महान बुद्धिजीवी पत्रकार इस मामले में हार्दिक पांडिया का साथ देंगे या नहीं ?

भारत में भगवान श्री राम और कृष्ण की निंदा करने को भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा जाता है और देश में प्रजातांत्र है तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का हक है । हार्दिक पटेल संविधान की बुराइयों नहीं कर सकते और अंबेडकर का दर्जा भगवान से तो ऊपर है नहीं ? जब ईश्वर की निंदा की जा सकती है जब गांधी – नेहरु, स्वामी विवेकानंद स्वामी , स्वामी दयानंत स्वरस्वती तथा आदि शकराचार्य जी की निंदा तथा समालोचना करने की अनुमति है तो बाबा साहेब अंबेडकर की क्यो नहीं ?

 

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हम The Indian Visionaries – TIV हार्दिक पटेल के इस विवाह गीत टूटता समर्थन नहीं करते हैं परंतु इस बात की भी उनकी खिलाफ होने वाले दलित कुड़ी दा की धाराओं का विरोध करते हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता क्या अनुसार हार्दिक पांड्या को पूरा है है देश से संबंधित किसी भी कानून की बुराई करने का । अगर हार्दिक पटेल की नजर में अंबेडकर सही नहीं है तो उनका यह उनका पूरा हक़ बनता है की वो भी अम्बेडकर की बुराई कर सके इस बात में दलित उत्पीडना वाली जैसी कोई बात नहीं है । उनपर लगने वाली समस्त दलित उत्पीड़न वाली धाराये खुद दलित उत्पीड़न वाले कानून का दुरुपयोग है ।

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