जब सिख होने की वजह से किया था इंदिरा ने अर्जन सिंह का अपमान

परसो रात एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह जी के देहांत से पूरा देश शोक में है, हर कोई देश को दी उनकी सेवाओं के लिए उन्हें याद कर रहा है पर इसी भारत में इस बहादुर सैनिक का अपमान भी किया गया जिसके बारे में कोई भी ज़िक्र नही कर रहा ।
वक्या है 1982 के एशियाई खेलो का जिसका आयोजन दिल्ली में 1982 के नवम्बर-दिसम्बर महिने होना थे , 33 देशो के खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेने आ रहे थे । आयोजन की ज़िम्मेदारी इंदिरा गाँधी ने अपने बड़े बेटे राजीव गाँधी को सौंपी थी ।
इस मौके की इस नज़ाकत का फायता अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले ने उठने की सोची । उसने दिल्ली में सिखों के आंदोलन की चेतावनी दे डाली । इंदिरा गाँधी कोई भी जोख़िम लेना नही चाहती थी इसलिए उन्होंने दिल्ली हरियाणा बॉर्डर पर सुरक्षा इतंजाम पुख्ता करवाये ।इस सुरक्षा जाँच के में हरियाणा पुलिस के जवानो की सिखों के साथ बदसलूकी करने की ख़बरे आने लगी । इसी बीच एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह भी पंजाब से दिल्ली किसी सरकारी काम से जा रहे थे , हरियाणा पुलिस के जवानो में उनका Id-card ( पहचान पात्र ) देखने के बाद भी उनको गाड़ी से उतरवा कर पूरी तलाशी ली । मामला उछला अख़बार में भी छापा पर इंदिरा सरकार में माफ़ी नही माँगी ।
एयर चीफ मार्शल इस मामला में शांत रहे और कोई भी बयान नही दिया पर जरनैल सिंह भिंडरवाले ने इस बात को खूब उछला और सिखों को भड़काना शुरू किया ।

कल जब देश के कई राजनेता एयर चीफ मार्शल अर्जन सिंह को अंतिम विदाई देने पहुँचे थे पर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी का उनको श्रद्धांजलि देने ना पहुँचना शायद ये बता रहा है की 31 October 1984 को जो बड़ा पेड़ जो गिरा था उसके गिरने से दिल्ली में जो खून की नदिया बही थी उससे गाँधी परिवार अब भी संतुष्ट नही है, दिल में नफ़रत एक कौम के प्रति शायद कही ना कही रह गयी है । खेर, अच्छी बात ये रही कांग्रेस के अन्य नेता कैप्टेन अमरिन्दर सिंह , पूर्व प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी तथा पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुख़र्जी जी अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुँचे थे ।

It’s a tribute from The Indian Visionaries ( TIV ) to a great Warrior ?? …Jay Hind Jay Bharat

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