भारतीय खलनायक जिन्ना की हकीकत

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के युनियन हॉल में लगे मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर अलीगढ़ में विवाद बढ़ता ही जा रहा है…बढ़ते दिनों के साथ यह पूरे देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है…आखिर जिन्ना की तस्वीर को लेकर इतना हंगामा क्यू?? आइए जानते है क्या है पूरा मामला….??

ए.एम.यू में हो रहे विवाद का मुख्य जड़ जिन्ना की तस्वीर है जिसकी शुरुआत 30 अप्रैल को हुई,जब बीजेपी सांसद श्री सतीश कुमार गौतम ने ए.एम.यू कुलपति प्रो.तारिक मंसूर को जिन्ना की तस्वीर को लेकर पत्र लिखा..इस पत्र की जानकारी होने पर मिडिया ने ए.एम.यू के स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट मशरुक अहमद उस्मानी से संपर्क किया…जिसके बाद ए.एम.यू के छात्र यूनियन के नेता ने बड़ी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि “ए.एम.यू किसी के बाप का नहीं है”

Masrook Ahmad Usmani

जब इस बात पर मिडिया में चर्चा हुई,तब हिन्दू संगठनों ने ए.एम.यू के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और जिन्ना के पुतले को जलाया..जिसके बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बावजूद ए.एम.यू नेता और हिन्दू संगठनों के बीच लड़ाई शुरु हुई….इसी बीच ए.एम.यू के छात्र नेताओं ने लाठी डंडे से हमला किया…साथ ही गलत आरोप लगाया कि हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने गोलियां चलाई…इसी बीच मामले को शांत करने के लिए पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया जिसके कारण ए.एम.यू के कई छात्र कार्यकर्ता घायल भी हुए…बाद में ए.एम.यू के छात्र कार्यकर्ताओं ने हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओँ और स्थानिय सांसद के खिलाफ कार्यवाही की माँग करने लगे…

बता दें कि ए.एम.यू के छात्र नेता, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारुख अबदुल्लाह, कांग्रेस नेता करन दलाल , जिन्ना की तस्वीर को हटाने से इंकार कर रहें है…साथ ही उनकी तुलना क्रांतिकारी भगत सिंह से की जा रही है…उनका कहना है कि हमें जिन्ना का शुक्रगुजार होना चाहिए जिन्होंने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई….

वहीं अगर हम हिन्दुवादी संगठनों की बात करें या उन नेताओं की जो जिन्ना की तस्वीर लगे रहने पर सवाल कर रहे है.. तो आखिर उनका क्या कहना है…आइए ये भी जानते हैं…

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि जो शख्स भारत के बंटबारे का जिम्मेदार है..जिसकी वजह से देश दो टुकड़ों में बँट गया,,,लाखों हिन्दुओं का कत्ल हुआ…देश में दंगे हुए और आज ऐसी नौबत है कि पाकिस्तान में सिर्फ 2% हिन्दु रह गए हैं,उसकी तस्वीर के लिए विश्वविद्यालय में कोई स्थान नहीं है.

हिन्दु संगठनों का कहना है कि आजादी दिलाने के लिए भारत के जितने भी क्रांतिकारि थे…उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ भारत को आजादी दिलाना था…ना कि पाकिस्तान जैसा कोई देश बनाने का…वही जिन्ना ने अगर आजादी दिलाने में भागीदारी दिखाया को उसके पिछे पाकिस्तान देश बनाना था…जो कि मुसलमानों को देश होगा…जिन्ना ही वो शख्स है जिसने “2 नेशन” का थियोरी दिया था…या यू कहे तो सर सय्यद अहमद के इस थियोरी को निष्पादित (execute) किया था…

वहीं सन् 1946 में जिन्ना ने डायरेक्ट एक्सन का आह्वान किया था।जिसके कारण देश में बड़े पैमाने पर मुस्लिमों द्वारा हिन्दुओं का कत्लेआम किया गया। सिर्फ बंगाल की बात करें तो यहाँ 15000 से भी ज्यादा हिन्दुओं का कत्ल हुआ…पूर्वी बंगाल के नोआखाली वर्तमान बंगलादेश में 5000 से ज्यादा दलित हिन्दुओं का कत्लेआम,बड़े पैमाने पर दलित हिन्दू महिला के साथ बलात्कार किया गया और जबरन हथियार के बल पर उनका धर्मांतरण कराया गया। लाखो भागकर जान बचाए व बिस्थापित हुए।

दंगो का सिलसिला देश बंटवारे तक चला और उस दंगे में लाखों हिन्दू अपने प्राण गंवाए।उस सबका दोषी सिर्फ मोहम्मद अली जिन्ना था।मोहम्मद अली जिन्ना एक ऐसा शख्स था जो सिर्फ पाकिस्तान के लिए लड़ा और जितनी मेहनत की उससे ज्यादा पारिश्रमिक पाकिस्तान के रुप में अपना हिस्सा ले लिया।इसलिए भारत की स्वतंत्रता में उसका कोई योगदान नहीं। अब उसका फोटो टंगा होना इस देश के लोगो के लिए गंवारा नहीं हो रहा, पर राजनीति और वोट की लालच जो न कराए।

फिलहाल सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है….सरकार के रुख से मुस्लिम समर्थक राजनीतिक दल अचंभित है तथा अपने रुख और रणनीति को लेकर मौन और भ्रमित है…

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