अलीगढ़ और जामिया मे हिंदू दलितों को आरक्षण क्यो नहीं?

जय भीम जय मिम ! ये नारा देने वाले हमारे देश के मुस्लिम समुदाय के लोग क्यों जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मे दलितो को आरक्षण देने के नाम पर भोहे सिकुड़ रहे ही है जैसे कि उनसे उनकी किडनी माँग ली गयी हो |

 

हमेशा दलितों के हक की लड़ाई लड़ने वाले तथा भाजपा को दलितो विरोधी बताने वाले बुद्धिजीवि भी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है | रवीश कुमार जैसे ईमानदार पत्रकार जिनको कोई ख़रीद नहीं सकता वो इस मामले वो भी दलितों की हक की लड़ाई इस मामले मे नहीं लड़ना चाहते हैं |

 

केंद्रीय सामाजिक न्‍याय तथा अधिकारीता मंत्री श्री थवार चंद्र गहलोत जी ने खुले तौर AMU तथा जामिया इस्लामियाआ यूनिवर्सिटी मे ST/SC reservation लगाने की मांग की है | श्री थवार चंद्र गहलोत जी ने बड़े ही पीड़ा के साथ ये बयान मीडिया को दिया कि इस मुद्दे pr उनको और उनकी सरकार को बसपा सुप्रीमों शुश्री मायावती जी से समर्थन की उम्मीद थी परंतु वो इस मुद्दे से खुद को दूर रखने का प्रयास कर रही है जो कि बहुत दुखद बात है, शायद वो दलितों का हितेशी बनने का मात्र स्वांग रचती है, शायद मायावती जी के लिए भी कांग्रेस तथा सप्पा की तरह मुस्लिम समुदाय का हित हिंदू हित से ऊपर हो गया है |

 

श्री गहलोत जी ने साफ कर तौर पर कहा कि भाजपा के लिए हिंदू हित सर्वपरी है और वो हिंदूओ के हर समुदाय का ख़याल रखना चाहते है भले ही इसके लिए उनको तथा उनकी सरकार को कोई भी कीमत क्यो ना चुकानी पड़े |

वही मुस्लिम समुदाय  हिंदू दलितों को आरक्षण देने का विरोध कर रहे है क्योकि वो सिर्फ़ अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी है जबकि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हिंदूओ को कोई विशेष अधिकार नहीं मिला है |

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