अचानक दैनिक जागरण का विरोध क्यों हो रहा है ?

देश के वामपंथी तथा राणा आयूब जैसे दोहरे चरित्र वाले सेक्युलर पत्रकार अब कटुआ रेप केस में बुरे तारिक़ से बेनाक़ाब होने के बाद अब अपनी खुन्नस ईमानदार हिंदी अखबारों पर निकाल रहे हैं और उनके आक्रोश का मुख्य केंद्र दैनिक जागरण अखबार बन रहा है।

दैनिक जागरण की कठुआ रेप केस पर अपनी बेबाक़ पत्रकारिता के कारण देश के वामपंथी बुद्धिजीवी तथा पत्रकार खुन्नस में आ चुके हैं और जागरण के बाद अमर उजाला और राष्ट्रीय सहारा जैसे अखबारों ने भी कठुआ वाले फ़र्ज़ी रेप केस पर बेबाक़ सच्चई छापना शुरू किया तथा अब वामपंथियों तथा हिन्दू धर्म विरोधियों द्वारा हिंदू धर्म का अपमान करने के षड्यंत्र पर पानी फिरता देख यह अपना ने वामपंथी इस बार भी ये नैरेटिव बना रहे है कि जो भी अखबार या मीडिया हाउस हिंदू धर्म और सरकार के विरुद्ध लिखता है वह ईमानदार है तथा हिंदू धर्म और सरकार के पक्ष में लिखने वाले बिके हुए पत्रकार हैं ।

Reality of Rana Ayub & others

 

वामपंथी यह भूल जाते हैं कि हिंदू धर्म की स्थापना BJP या किसी राजनीतिक दल ने नहीं की है ना ही किसी व्यक्ति विशेष द्वारा ये धर्म स्थापित हुआ है, सरकार की बुराई करने के आड़ में अक्सर हमारे देश के कृत्रिम धर्मनिरपेक्ष लोग हिंदुत्व की बुराई करते हैं । एक तरफ “आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता” इसके हिसाब से चाहे कितने भी लोग मर जाये पर यही लोग भगवा आतंकवाद ढूंढ कर ले आते हैं और इस बार तो इन लोगो ने हद ही कर दी जब उन्होंने रेप का धर्म, हिंदू धर्म बता दिया ।

ऐसे में दैनिक जागरण ने दिलेरी दिखाते हुए जब अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता से वामपंथियों के षड्यंत्र को बेनकाब कर दिया तब से जागरण के विरुद्ध सोशल मीडिया पर कई वामपंथियों ने दुष्प्रचार करना प्रारंभ कर दिया है ।

आप चाहे किसी भी धर्म के हो मानवता के लिहाज से हमें किसी भी धर्म अथवा समुदाय के ऊपर बेवजह लांछन नहीं लगाना और ऐसा करने वालों का हमें समर्थन कर भी नहीं करना चाहिए ।

कठुआ रेप केस के समय देश भर के हिन्दू समाज ने अपनी मानवता का परिचय देते हुए आरोपियों को फाँसी देंने की माँग की थी तथा जम्मू के लोग भी मादर सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे जिसको मीडिया ने गलत तरीके से दिखाया कि वह आरोपियों का समर्थन कर रहे हैं अब जब दूध का दूध और पानी का पानी हो चुका है तो कोई भी हिंदू धर्म को अपमानित करने के बाद अब माफी मांगने के लिए सामने नहीं आ रहा है रवीश कुमार तो अपने NDTV के प्राइम टाइम पर भी नहीं दिख रहे है शायद किसी ने षड्यंत्र की तैयारी कर रहे हो रविश बाबू ।

LEAVE A REPLY